अभाविप के आंदोलन के आगे झुकी प्रदेश सरकार एवं विश्वविद्यालय प्रशासन
रिपब्लिक भारत न्यूज़ 23-08-2026
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद लगभग पांच महीनों से 28 मार्च को हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय द्वारा कार्यकारी परिषद की बैठक में लिए गए फीस वृद्धि के निर्णय के खिलाफ पूरे प्रदेश भर में आंदोलन कर रहा था। जिसको लेकर विद्यार्थी परिषद ने प्रदेश अलग-अलग महाविद्यालय में एवं विश्वविद्यालय में अपनी इकाइयों के माध्यम से ज्ञापन दिए, प्रशासन के घेराव किए, धरने दिए, शव यात्रा निकाली, शव प्रदर्शन किए, हस्ताक्षर अभियान किए, मूक प्रदर्शन किए, आक्रोश रैलियां निकाली। इस आंदाेलन के दौरान विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं के एवं विद्यार्थी परिषद के साथ मिलकर फ़ीस वृद्धि का विरोध करने वाले आम छात्रों के ऊपर लाठी डंडो के साथ सुरक्षाकर्मियों ने बल का प्रयोग किया जिसकी वजह से कई छात्र कार्यकर्ता घायल भी हुए।

विद्यार्थी परिषद ने इस आंदोलन में अपनी कुछ मांगे रखी थी जिसमें पहली मांग थी की फीस वृद्धि के निर्णय को वापस लिया जाए एवं दूसरी मांग थी कि छात्र संघ चुनाव बहाल किए जाए। विद्यार्थी परिषद की मांगे कुछ इस तरह से थी –

1) फ़ीस वृद्धि के निर्णय को वापिस लिया जाए।
1.1. रनिंग सत्र के छात्रों की फीसों में कोई बढ़ोतरी न की जाए।
1.2. छात्रावासों की फीसों में कोई बढ़ोतरी न की जाए।
1.3. प्रशासनिक कार्यों में बढ़ाई गई फीसों में न्यायपूर्ण फीसें तय की जाए।
1.4. सब्सिडाइज्ड एवं नॉन सब्सिडाइज्ड सीटों की एडमिशन में बढ़ाई गई फीसों में न्यायपूर्ण फीसें तय की जाए।
1.5. जिन छात्रों द्वारा एडमिशन फीस जमा कर दी गई है उन छात्रों की फीसों को रिफंड किया जाए।
2) छात्र संघ चुनाव बहाल किए जाएं।

विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा की गई फ़ीस वृद्धि के खिलाफ विद्यार्थी परिषद की मांगो को प्रशासन ने मान किया है एवं कुलपति हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने बयान के माध्यम से और लिखित रूप में प्रमाण देते हुए कहा है कि रनिंग सत्र में की गई फीस वृद्धि के निर्णय को वापिस लिया गया है। छात्रावासों में भी की गई फीस वृद्धि के निर्णय को वापिस लिए गया है। प्रशासनिक कार्यों में भी की गई 100 प्रतिशत वृद्धि में 50 से 75 प्रतिशत तक कम कर दिया गया है। सब्सिडाइज्ड सीटों में बड़ी हुई फीसों में भी 10% की कटौती की गई है एवं नॉन सब्सिडाइज्ड सीटों में जो 25 से 166 प्रतिशत की वृद्धि की गई थी उस निर्णय को वापिस लेकर उनमें भी अब केवल 12 प्रतिशत वृद्धि की जाएगी।
22 अगस्त की शाम को विद्यार्थी परिषद के क्रमिक भूख हड़ताल के बीसवें दिन विश्वविद्यालय की फ़ीस वृद्धि के खिलाफ इन सभी मांगो को पूरा करते हुए माननीय कुलपति हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय द्वारा क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठे कार्यकर्ताओं को जूस पिलाकर भूख हड़ताल को खत्म किया गया। विद्यार्थी परिषद विश्वविद्यालय स्तर एवं प्रदेश स्तर की अन्य मांगो को लेकर सदैव आवाज बुलंद करता रहेगा। साथ ही विद्यार्थी परिषद छात्रहितो को देखते हुए अपने संघर्ष को जारी रखेगा।
