रिपब्लिक भारत न्यूज़ 06-08-2026
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में फीस बढ़ोतरी के खिलाफ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। फीस वृद्धि के विरोध में शुरू किया गया एबीवीपी का अनिश्चितकालीन क्रमिक अनशन चौथे दिन में प्रवेश कर गया है। परिषद ने चेतावनी दी है कि अगर विश्वविद्यालय प्रशासन और प्रदेश सरकार ने समय रहते फीस बढ़ोतरी का फैसला वापस नहीं लिया, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
ABVP की HPU इकाई अध्यक्ष अक्षय ठाकुर का कहना है कि विश्वविद्यालय में अलग-अलग फीस में 25 से 30 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की गई है, जबकि छात्रों को मिलने वाली बेसिक सुविधाएं अब भी पूरी तरह उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में एकमुश्त इतनी बड़ी फीस बढ़ोतरी को छात्र हित में नहीं माना जा सकता। यहां बच्चों को घर जाने तक के लिए बस नहीं मिलती। इतना ही नहीं, हॉस्टल के हालत बेहद खराब हैं।

ABVP का कहना है कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में प्रदेश के दूर-दराज के ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आने वाले छात्र पढ़ाई करते हैं। फीस में इतनी बड़ी बढ़ोतरी का सीधा असर इन छात्रों और उनके परिवारों पर पड़ेगा। एबीवीपी ने सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन से फीस बढ़ोतरी के फैसले को तुरंत वापस लेने की मांग की है।
एबीवीपी ने चेतावनी दी है कि अगर फीस वृद्धि वापस नहीं ली गई, तो क्रमिक अनशन को आमरण अनशन में बदला जा सकता है। परिषद का कहना है कि छात्रों की मांगों पर जल्द फैसला नहीं हुआ तो आंदोलन को हिमाचल प्रदेश के दूसरे विश्वविद्यालयों और शिक्षण संस्थानों तक भी ले जाया जाएगा। एबीवीपी ने दो टूक कहा है कि फीस वृद्धि वापस नहीं होने की स्थिति में प्रदेशभर में बड़ा आंदोलन छेड़ा जाएगा।
