रिपब्लिक भारत न्यूज़ 01-09-2026

मंगलवार को शिमला के चौड़ा मैदान में प्रदेशभर से पहुंचे हजारों बुजुर्ग पेंशनरों ने अपनी लंबित वित्तीय देनदारियों, डीए एरियर, संशोधित वेतनमान के बकाये और मेडिकल रीइंबर्समेंट बिलों के भुगतान को लेकर सरकार के खिलाफ जोरदार हल्ला बोला।धरने के दौरान वाहनों की आवाजाही को लेकर पेंशनरों और पुलिस के बीच तीखी बहस हुई। पेंशनरों के भारी रोष को देखते हुए पुलिस को यातायात डाइवर्ट करना पड़ा।

एरियर व भत्ते: संशोधित वेतनमान का बकाया एरियर, 166 महीने का पेंशन एरियर, 15% महंगाई भत्ता (DA) और मेडिकल बिलों का तुरंत भुगतान।
बकाया देनदारी: 12,000 करोड़ रुपये की कुल देनदारी में से 5,000 करोड़ का भुगतान हुआ है, जबकि 7,000 करोड़ रुपये का भुगतान अभी भी लंबित है।
समान लाभ: HRTC और बिजली बोर्ड के कर्मचारियों को ओपीएस (OPS) व समय पर वित्तीय देयक जारी करना।
हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति के अध्यक्ष सुरेश ठाकुर ने कहा कि राज्य के 1.90 लाख से अधिक पेंशनरों ने अपनी जवानी प्रदेश के निर्माण में लगा दी, लेकिन आज उन्हें अपने हक के लिए सड़कों पर उतरना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि 13 मई की बैठक में 31 जुलाई तक 40% अदायगी का वादा किया गया था, जिसे अगस्त में नोटिफिकेशन जारी कर ग्रेडेशन में बांट दिया गया।
सुरेश ठाकुर ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सरकार सलाहकारों, चेयरमैनों और अन्य मदों में करोड़ों रुपये की फिजूलखर्ची कर रही है, लेकिन 10 साल से अपने हक का इंतजार कर रहे बुजुर्गों को अनदेखा किया जा रहा है। उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि एरियर का इंतजार करते-करते लगभग 20 प्रतिशत पेंशनर बिना अपना हक पाए स्वर्ग सिधार चुके हैं।
समिति के अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि पेंशनर अपना हक मांगने आए हैं, भीख नहीं। ज्वाइंट एक्शन कमेटी की बैठकें शुरू हो चुकी हैं और पेंशनर शिमला छोड़कर कहीं नहीं जाने वाले हैं। सरकार को चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि यदि मांगों पर तुरंत ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो आने वाले दिनों में CM, मंत्रियों और विधायकों का घेराव कर आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
