रिपब्लिक भारत न्यूज़ 29-10-2026
दसवीं और जमा दो (12वीं) की बोर्ड परीक्षाओं में निराशाजनक परिणाम देने वाले शिक्षकों के खिलाफ स्कूल शिक्षा विभाग हिमाचल प्रदेश ने बड़ी कार्रवाई की है। जिन विषयों में विद्यार्थियों का परीक्षा परिणाम 25 प्रतिशत से भी कम रहा है, उन पर कड़ा संज्ञान लेते हुए विभाग ने पहले चरण में 24 शिक्षकों की वार्षिक वेतन वृद्धि रोकने के आधिकारिक आदेश जारी कर दिए हैं।


शिक्षा निदेशक आशीष कोहली की ओर से जारी आदेशों के अनुसार, जिन 24 शिक्षकों की वेतन वृद्धि रोकी गई है, उनमें 18 प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) और 6 प्रवक्ता शामिल हैं। विभाग ने इससे पहले 25 फीसदी से कम परिणाम देने वाले कुल 50 शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। शिक्षकों द्वारा दिए गए स्पष्टीकरण का परीक्षण करने के बाद, जिनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, उनके खिलाफ यह अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है।
शिक्षा निदेशालय के अनुसार, शेष 26 शिक्षकों के जवाबों का गहनता से आकलन किया जा रहा है। जांच प्रक्रिया पूरी होते ही नियमानुसार उनके खिलाफ भी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। विभाग के इस सख्त रुख से खराब परिणाम देने वाले अन्य शिक्षकों में भी हड़कंप मच गया है।
कार्रवाई का दायरा केवल शिक्षकों तक सीमित नहीं है। खराब कार्य प्रदर्शन वाले स्कूलों के प्रधानाचार्यों और मुख्य अध्यापकों की वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट में प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज की जाएगी। इसका सीधा असर भविष्य में उनकी पदोन्नति के अवसरों पर पड़ेगा।
स्कूल प्रबंधन समिति के तहत कार्यरत शिक्षकों के खराब प्रदर्शन को भी विभाग ने गंभीरता से लिया है और उनके खिलाफ भी कार्रवाई की रूपरेखा तैयार की जा रही है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि बोर्ड परीक्षाओं के परिणामों को लेकर शिक्षकों की जवाबदेही हर हाल में तय की जाएगी।
