रिपब्लिक भारत न्यूज़ 25-03-2026
हिमाचल विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान एक बार फिर एंट्री टैक्स का मुद्दा उठा। बीजेपी विधायक राकेश जमाल, सुखराम चौधरी और गगरेट कांग्रेस विधायक राकेश कालिया के प्रश्न पर सदन के भीतर पक्ष विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। पूरे मुद्दे पर सदन के बाहर सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि एंट्री टैक्स के इतना नहीं बड़ा है, जितना इस पर शोर मचाया जा रहा है। सीएम ने बीजेपी पर हर बात पर राजनीति करने का आरोप लगाया है।

सीएम ने इस मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर पर तीखा पलटवार किया है। सीएम ने कहा कि बीजेपी हर बात पर अड़ जाती है और हर मुद्दे पर राजनीति करने की कोशिश करती है। उन्होंने कहा कि पूर्व सीएम भी हर विषय को राजनीतिक रंग देने में लगे हुए हैं। राज्य सरकार प्रदेश के हित में निर्णय ले रही है।

सीएम ने एक बार फिर स्पष्ट किया कि राज्य सरकार ने एंट्री टैक्स को केवल फास्टैग प्रणाली के साथ जोड़ा है। इसके चलते एंट्री टैक्स में कुछ बढ़ोतरी जरूर हुई है, लेकिन वास्तविकता यह है कि टैक्स उतना नहीं बढ़ा है जितना शोर मचाया जा रहा है। सीएम ने कहा कि यह कोई नई व्यवस्था नहीं है, पिछले लगभग 40 वर्षों से एंट्री टैक्स की व्यवस्था लागू है। उन्होंने कहा कि कीमतों में सामान्य वृद्धि को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है और बीजेपी इसे राजनीतिक मुद्दा बनाने की कोशिश कर रही है।
सीएम ने तंज कसते हुए कहा कि जयराम ठाकुर पीएम मोदी से मिलकर रोते हैं, जबकि उन्हें प्रधानमंत्री से RDG दिलाने के मुद्दे पर चर्चा करनी चाहिए थी।
सीएम सुक्खू ने कहा जयराम ठाकुर ने संसद के बाहर जाकर बयान दिया कि सरकार ने अनाथ और विधवा सेस लगा दिया है। अभी केवल सेस लगाने का अधिकार देने वाला बिल पास हुआ है।राज्यपाल की अनुमति के बाद एक्ट बनेगा और सरकार के पास सेस लगाने का अधिकार होगा। उन्होंने कहा कि राज्यपाल की स्वीकृति मिलने के बाद सरकार यह तय करेगी कि सेस लगाया जाना है या नहीं। सेस अधिकतम सीमा पांच रुपये तय की गई है। सरकार चाहें तो दो पैसे या पांच पैसे तक का सेस भी लगा सकती है। इसलिए इस मुद्दे पर अनावश्यक भ्रम फैलाना उचित नहीं है।
