हपुटवा की नई कार्यकारिणी के गठन हेतु चुनाव प्रक्रिया शीघ्र, होगा चुनाव समिति का गठन

हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिक्षक कल्याण संघ (हपुटवा) की एक महत्वपूर्ण बैठक आज आयोजित की गई, जिसमें संगठन के सदस्यों ने विभिन्न संगठनात्मक विषयों पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में विशेष रूप से संगठन की आगामी गतिविधियों, शिक्षकों के हितों तथा संगठन की लोकतांत्रिक प्रक्रिया को सुदृढ़ बनाने के मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि वर्ष 2026–2027 के लिए हपुटवा की नई कार्यकारिणी के गठन हेतु चुनाव प्रक्रिया को शीघ्र प्रारंभ किया जाए और इस उद्देश्य से एक चुनाव समिति का गठन किया जाए, जो पूरी चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से संपन्न कराएगी।

बैठक में उपस्थित सदस्यों ने कहा कि किसी भी संगठन की मजबूती उसके लोकतांत्रिक मूल्यों, पारदर्शिता और सक्रिय सदस्यता पर आधारित होती है। हपुटवा अपने गठन के समय से ही लोकतांत्रिक व्यवस्था और संगठनात्मक अनुशासन का पालन करता रहा है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए आगामी सत्र 2026–2027 के लिए नई कार्यकारिणी का गठन लोकतांत्रिक चुनाव प्रक्रिया के माध्यम से करने का निर्णय लिया गया।

बैठक में सर्वसम्मति से वरिष्ठ शिक्षक प्रो. चंद्रमोहन परशीरा को चुनाव समिति का संयोजक नियुक्त किया गया। प्रो. परशीरा विश्वविद्यालय में अपने लंबे शैक्षणिक अनुभव, संगठनात्मक समझ और निष्पक्ष कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं। समिति के संयोजक के रूप में वे चुनाव प्रक्रिया के संचालन, चुनाव कार्यक्रम की घोषणा और चुनाव से संबंधित सभी प्रक्रियाओं की निगरानी करेंगे।

इसके अतिरिक्त समिति में सहयोग के लिए विश्वविद्यालय के कई अनुभवी शिक्षकों को शामिल किया गया है। समिति में प्रो. शिव कुमार डोगरा, प्रो. उमेश शर्मा को सहसंयोजक तथा डॉ. चमन लाल बंगा तथा डॉ. सुशीला नेगी को  सदस्य के रूप में नियुक्त किया गया है। यह सभी सदस्य चुनाव प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे और समिति के कार्यों में सहयोग प्रदान करेंगे।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि गठित चुनाव समिति संगठन के संविधान और नियमों के अनुसार चुनाव कार्यक्रम तैयार करेगी और चुनाव प्रक्रिया से संबंधित सभी औपचारिकताओं को समयबद्ध ढंग से पूरा करेगी। समिति नामांकन की तिथि, नामांकन पत्रों की जांच, नाम वापसी की अंतिम तिथि, मतदान की तिथि तथा मतगणना की प्रक्रिया सहित चुनाव के सभी चरणों की घोषणा करेगी।

यह भी तय किया गया कि चुनाव समिति पंद्रह दिनों के भीतर पूरी चुनाव प्रक्रिया को संपन्न करते हुए वर्ष 2026–2027 के लिए हपुटवा की नई कार्यकारिणी की घोषणा करेगी। समिति यह सुनिश्चित करेगी कि चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी और निष्पक्ष हो तथा संगठन के सभी सदस्यों को चुनाव में भाग लेने का समान अवसर प्राप्त हो।

बैठक में यह जानकारी भी साझा की गई कि वर्ष 2026–2027 के लिए हपुटवा की सदस्यता प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है। इस वर्ष संगठन के साथ कुल 251 शिक्षकों ने सदस्यता ग्रहण की है। यह संख्या संगठन की निरंतर बढ़ती लोकप्रियता और शिक्षकों के बीच उसके प्रति विश्वास को दर्शाती है।

सदस्यों ने कहा कि हपुटवा विश्वविद्यालय के शिक्षक समुदाय के लिए एक सशक्त और सक्रिय मंच के रूप में कार्य कर रहा है। संगठन ने हमेशा शिक्षकों के अधिकारों, उनके सेवा संबंधी मुद्दों तथा शैक्षणिक वातावरण से जुड़े विषयों को मजबूती से उठाया है। इसी कारण बड़ी संख्या में शिक्षक इस संगठन के साथ जुड़ रहे हैं।

बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि इस वर्ष सदस्यता प्राप्त करने वाले सभी 251 सदस्य आगामी चुनाव प्रक्रिया में भाग लेने के पात्र होंगे। सभी सदस्य अपने मताधिकार का प्रयोग करते हुए संगठन की नई कार्यकारिणी के चयन में भाग लेंगे। इससे संगठन की लोकतांत्रिक व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी तथा सभी सदस्यों की भागीदारी सुनिश्चित होगी।

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि विश्वविद्यालय के शिक्षक समाज के बौद्धिक और शैक्षणिक विकास में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए यह आवश्यक है कि उनके अधिकारों की रक्षा की जाए और उन्हें बेहतर कार्य वातावरण प्रदान किया जाए। हपुटवा इसी उद्देश्य के साथ कार्य करता रहा है और भविष्य में भी शिक्षकों के हितों की रक्षा के लिए निरंतर प्रयास करता रहेगा।

सदस्यों ने यह भी कहा कि आने वाली नई कार्यकारिणी से यह अपेक्षा की जाएगी कि वह शिक्षकों के लंबित मुद्दों को प्राथमिकता के आधार पर उठाएगी और विश्वविद्यालय प्रशासन तथा सरकार के समक्ष उन्हें प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करेगी। साथ ही संगठन शिक्षकों के पेशेवर विकास, शैक्षणिक गतिविधियों को प्रोत्साहन देने तथा विश्वविद्यालय के समग्र विकास में भी सक्रिय भूमिका निभाएगा।

बैठक में उपस्थित सदस्यों ने यह विश्वास व्यक्त किया कि गठित चुनाव समिति निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ चुनाव प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संपन्न कराएगी। सभी सदस्यों से यह भी अपेक्षा की गई कि वे चुनाव प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लें और संगठन की लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूत बनाने में अपना योगदान दें।

अंत में बैठक का समापन इस आशा और विश्वास के साथ किया गया कि आगामी चुनाव प्रक्रिया शांतिपूर्ण और पारदर्शी ढंग से संपन्न होगी तथा इससे एक मजबूत और सक्रिय कार्यकारिणी का गठन होगा, जो आने वाले समय में शिक्षकों के हितों की रक्षा और विश्वविद्यालय के शैक्षणिक विकास के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *