रिपब्लिक भारत न्यूज़ 04-08-2026
हिमाचल प्रदेश के जिला ऊना में राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने लोक निर्माण विभाग के इलेक्ट्रिकल विंग में तैनात जूनियर इंजीनियर (जेई) को 8,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए मंगलवार को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। आरोपी जेई की पहचान परवेश कुमार के रूप में हुई है।
जानकारी के अनुसार, एक स्थानीय ठेकेदार ने विजिलेंस ब्यूरो में शिकायत दर्ज करवाई थी कि उसने लोक निर्माण विभाग के तहत इलेक्ट्रिकल का काम पूरा कर लिया था। हालांकि, उस काम का सरकारी बिल पास करने के बदले जेई परवेश कुमार उससे लगातार 8,000 रुपये की रिश्वत की मांग कर रहा था। ठेकेदार रिश्वत देने के पक्ष में नहीं था, इसलिए उसने इसकी लिखित शिकायत विजिलेंस को दी।
शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस की टीम ने गोपनीय तरीके से मामले की प्राथमिक जांच की। शिकायत की पुष्टि होने पर विजिलेंस ने आरोपी को पकड़ने के लिए योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप (जाल) बिछाया।जैसे ही शिकायतकर्ता ठेकेदार ने आरोपी जेई परवेश कुमार को रिश्वत की 8,000 रुपये की रकम सौंपी, वैसे ही घात लगाकर बैठी विजिलेंस टीम ने उसे रंगे हाथ धर दबोचा।
विजिलेंस ब्यूरो ने आरोपी जेई परवेश कुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया है। विजिलेंस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है। इसके साथ ही विभाग में उसके द्वारा निपटाए गए अन्य ठेकों और फाइलों का रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि क्या उसने पहले भी किसी से अवैध वसूली की है।
