रिपब्लिक भारत न्यूज़ 21-11-2025
आज एस एफ आई हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई द्वारा हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में मूलभूत सुविधाओं को लेकर धरना प्रदर्शन किया गया। एस एफ आई ने कहा कि आज प्रदेश विश्वविद्यालय में छात्र अपनी मूलभूत सुविधाओं को लेकर झुझ रहा है।

एस एफ आई कैंपस सचिवालय सदस्य विक्की ने बात रखते हुए कहा कि आज हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय को बने हुए 56 साल हो गए हैं लेकिन आज भी छात्र हॉस्टल की समस्याओं से जूझ रहा है अगर हम बात करें हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की तो हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में 14 हॉस्टल है इसमें से चार बॉयज हॉस्टल और नौ छात्राओं के हॉस्टल है जिसमें अभी भी हमें देखने को मिलता है कि वर्तमान में स्वच्छ पेयजल की अनुपलब्धता के कारण छात्रों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।। इन हॉस्टलों में लंबे समय से मरम्मत कार्य के अभाव में शौचालय, कमरा संरचना, पाइप लाइन, पेंटिंग आदि की स्थिति अत्यंत खराब है। दूसरा हम देखते हैं कि श्रीखंड वॉइस हॉस्टल के सर्वे हुए काफी लंबा समय हो गया है लेकिन अभी तक उसके नवीनीकरण का कार्य पूरा नहीं हुआ है जिससे बहुत से छात्र अभी भी हॉस्टल की सुविधा से महरूम है।। एस एफ आई मांग करती है कि जल्द से जल्द श्रीखंड बॉयज के नवीनीकरण का कार्य किया जाए।।
छात्र मांगों पर विस्तार से बात रखते हुए एस एफ आई हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय उपाध्यक्ष कॉमेडी आशीष ने ई आर पी सिस्टम की नाकामी पर बात रखते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के द्वारा ऑनलाइन स्क्रीनिंग के माध्यम से छात्रों के रिजल्ट को निकालने का काम किया जा रहा है कॉमरेड आशीष ने बात रखते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के द्वारा जब इस सिस्टम को लाया गया था तो यह कहा गया था कि इससे छात्रों के परीक्षा परिणाम शीघ्र घोषित होंगे लेकिन हम देखते हैं कि यह ऑनलाइन सिस्टम से छात्रों की परीक्षा परिणाम आने में देरी हो रही है तथा यह ऑफलाइन प्रणाली से काफी खर्चीला है साथी ने बात करते हुए कहा कि ऑफलाइन प्रणाली में एक उत्तर पुस्तिका की जांच करने में लगभग 25 से 30 रुपए लगते थे लेकिन जब से हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय द्वारा ऑनलाइन प्रणाली को शुरू किया गया है तब से एक उत्तर पुस्तिका की जांच में लगभग 80 रुपए खर्च किए जा रहे हैं जो हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय पर आर्थिक भोज डालने का काम हो रहा है
एसएफआई ने आगे बात रखते हुए कहा कि विश्वविद्यालय में आज छात्र लाइब्रेरी की समस्याओं से लेकर भी झुझ रहा है। एस एफ आई का मानना है की लाइब्रेरी को किसी भी विश्वविद्यालय का बौद्धिक केंद्र माना जाता है, यह स्थान सिर्फ किताबें पढ़ने का नहीं बल्कि विचार निर्माण ज्ञान वृद्धि और शोध की नींव तैयार करने का केंद्र है। साथी ने बात रखते हुए कहा कि एस एफ आई काफी लंबे समय से मांग कर रही हे कि लाइब्रेरी में सेंट्रल हीटिंग सिस्टम लगाया जाए ।। एस एफ आई का माना है कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय एक पर्वतीय क्षेत्र में स्थित है जहां शीतकाल में तापमान काफी नीचे चला जाता है ऐसी परिस्थितियों में लाइब्रेरी में लंबे समय तक ध्यान करना छात्रों के लिए वेद कठिन हो जाता है मौजूदा समय में लाइब्रेरी में हीटिंग से संबंधित पर्याप्त प्रबंध उपलब्ध नहीं है जिसके कारण छात्रों को सुविधा का सामना करना पड़ता है ।।दूसरा एस एफ आई मांग करती है कि जनरल सेक्शन को 24 घंटे के लिए खुला रखा जाए ।
एस एफ आई ने तर्क दिया कि विश्वविद्यालय में विभिन्न संकायों पाठ्यक्रमों और विभागों के छात्र पढ़ते हैं जिनकी कक्षाओं, असाइनमेंट, प्रेजेंटेशन ,शोध कार्य तथा प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं के अनुसार अध्ययन का समय अलग-अलग होता है ऐसे में 24 घंटे उपलब्ध जनरल क्षेत्र छात्रों को अपनी सुविधा अनुसार अध्ययन का अवसर प्रदान करेगा। साथी ने बात रखते हुए कहा कि देश के कई प्रमुख विश्वविद्यालय जैसे दिल्ली विश्वविद्यालय, जेएनयू ,पंजाब विश्वविद्यालय आदि में लाइब्रेरी के बड़े ही से छात्रों के लिए लगभग 24 घंटे उपलब्ध रहते हैं। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय भी इसी दिशा में कदम उठाकर छात्रों के लिए अधिक प्रतिशत और आधुनिक शैक्षणिक वातावरण तैयार कर सकता है।।आज अगर हम बात करे तो पहले विश्वविद्यालय में 8 बसें हुआ करती थी लेकिन आज हालत इतने खस्ते है कि वो 8 से घटकर तीन ही रह गई है जबकि पिछले साल EC में फैसला लिया गया था कि 2 अतिरिक्त बसें खरीदी जाएगी लेकिन अभी तक इस पर कोई संज्ञान नहीं लिया गया है जिससे छात्रों को मजबूरी में प्राइवेट बसों में सफर करना पड़ता है।। इसलिए एस एफ आई मांग करती है कि नई बसें जल्द से जल्द खरीदी जाए।।
एस एफ आई हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई उपाध्यक्ष आशीष ने आगे बात रखते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में 2019 के अंदर गैर शिक्षक कर्मचारियों की भर्ती की सीटों का विज्ञापन निकाला गया था लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन के द्वारा भर्ती के नाम पर 2 बार छात्रों से 4.5 करोड़ इकठ्ठा किया गया लेकिन भर्ती नहीं कराई गई ।। एस एफ आई का मानना है कि ये तमाम हिमाचल प्रदेश के छात्र समुदाय के साथ खिलवाड़ है जिन्होंने इसके लिए आवेदन किया था ।। एस एफ आई मांग करती है कि जल्द से जल्द विश्वविद्यालय में गैर– शिक्षक कर्मचारियों की स्थाई भर्तियां की जाए ।
इन तमाम मांगों को लेकर हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई उपाध्यक्ष कामरेड आशीष ने कहा कि इन तमाम मुद्दों पर जल्द से जल्द संज्ञान लिया जाए ताकि हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में आने वाली छात्रों की समस्याओं को हल किया जा सके।। अगर इन मांगों पर संज्ञान नहीं लिया गया तो आने वाले समय के अंदर एस एफ आई विश्वविद्यालय तमाम छात्र समुदाय को लामबंद करते हुए एक उग्र आंदोलन करेगी जिसका जिम्मेवार खुद विश्वविद्यालय प्रशासन होगा ।


