रिपब्लिक भारत न्यूज़ 08-12-2025
हिमाचल प्रदेश पेंशनर ज्वाइंट फ्रंट ने सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू से मुलाकात कर अपनी लंबित मांगों को सामने रखा। सीएम ने कहा कि राज्य सरकार एक महीने के अंदर पेंशनरों के मेडिकल बिलों का भुगतान करेगी साथ ही अन्य सभी मांगों को सकारात्मकता के साथ विचार के बाद उन्हें पूरा करने का आश्वासन दिया है। इसके साथ ही सीएम सुक्खू ने 17 दिसंबर को पेंशनर दिवस पर होने वाले राज्य स्तरीय कार्यक्रम में जाने के लिए भी हामी भरी है। सीएम ने कहा कि वे पेंशनरों के हित के लिए काम कर रहे हैं। पेंशनरों का प्रदेश के विकास में अहम योगदान रहा है।

सीएम ने कहा कि कर्मचारी सरकार की रीढ़ की तरह कार्य करते हैं और उनकी समस्याओं और मांगों का उचित समाधान करना प्रदेश सरकार का दायित्व है। सेवानिवृत्ति के उपरान्त कर्मचारी अपने सामाजिक सरोकारों का बिना किसी बाधा के निर्वहन सुनिश्चित कर सकें, इसलिए प्रदेश सरकार ने सत्ता में आने के बाद ओपीएस बहाल की। इससे प्रदेश के 1 लाख 36 हजार कर्मचारी लाभावित हुए हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पेंशनरों की मांगों का समाधान सुनिश्चित कर रही है और उनकी विभिन्न देनदारियों की अदायगी भी समय-समय पर की जा रही है। प्रदेश सरकार संसाधनों के सृजन के साथ-साथ वित्तीय अनुशासन भी सुनिश्चित कर रही है। पूर्व बीजेपी सरकार के कार्यकाल के दौरान वित्तीय कुप्रबन्धन से प्रदेश की आर्थिक स्थिति पर विपरीत प्रभाव पड़ा और कर्मचारियों और पेंशनरों की देनदारियों की अदायगी भी समय सीमा में पूर्ण नहीं हो पाई। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ कर्मचारियों और पैंशनरों की सभी देनदारियां प्रदान करने के लिए वचनबद्ध है।
हिमाचल प्रदेश पेंशनर ज्वाइंट फ़्रंट के अध्यक्ष आत्मा राम शर्मा ने कहा कि सीएम सुक्खू के साथ अच्छे माहौल में बात हुई। सीएम लगातार पेंशनरों के हित के बारे में सोच रहे हैं। उन्हें उम्मीद है कि उनकी सभी मांगों को पूरा किया जाएगा। इसके अलावा सीएम ने उनके आग्रह पर कार्यक्रम में शामिल होने के लिए भी कहा है। साथ ही अप्रैल तक खउउ गठन का भी आश्वासन दिया है।
बता दें, मांगों को लेकर पेंशनरों की संयुक्त संघर्ष समिति ने 28 नवंबर को धर्मशाला में विधानसभा सत्र के दौरान आक्रोश रैली निकाली थी। समिति ने सरकार से पेंशनरों की समस्याओं के समाधान के लिए जेसीसी की बैठक बुलाने की मांग उठाई थी। समिति के अनुसार 1 जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2021 के बीच सेवानिवृत्त पेंशनरों को आज तक संशोधित लीव इनकैशमेंट, कम्यूटेशन, ग्रेच्युटी, 13 प्रतिशत डीए और तीन वर्षों से लंबित चिकित्सकीय बिलों का भुगतान नहीं किया गया है।
