रिपब्लिक भारत न्यूज़ 12-01-2026
हिमाचल प्रदेश में गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को आईआरडीपी (एकीकृत ग्रामीण विकास कार्यक्रम) सूची से बाहर किए जाने की प्रक्रिया पर प्रयास सोसाइटी ने कड़ा विरोध जताया है। सोसाइटी के मुख्य सलाहकार श्रवण कुमार ने इस विषय पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आईआरडीपी योजना का मूल उद्देश्य समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को आर्थिक रूप से सशक्त बना

ना है, लेकिन वर्तमान में पात्र गरीब परिवारों के नाम जिस प्रकार सूची से काटे जा रहे हैं, वह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण, अन्यायपूर्ण और जनविरोधी है।
श्रवण कुमार ने कहा कि बिना समुचित जांच-पड़ताल, जमीनी सत्यापन तथा जनप्रतिनिधियों से परामर्श किए गरीब परिवारों को आईआरडीपी सूची से हटाया जाना उनकी आजीविका पर सीधा प्रहार है। इससे न केवल उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति और अधिक कमजोर हो रही है, बल्कि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का उद्देश्य भी विफल होता नजर आ रहा है।
उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा कि आईआरडीपी सूची से नाम काटने की प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से रोका जाए। दोबारा व्यापक और निष्पक्ष सर्वे कर वास्तविक रूप से जरूरतमंद परिवारों को सूची में शामिल किया जाए। पंचायत स्तर पर पारदर्शी प्रक्रिया अपनाते हुए जनप्रतिनिधियों की सहभागिता के साथ जांच सुनिश्चित की जाए।
प्रयास सोसाइटी के मुख्य सलाहकार श्रवण कुमार ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के गरीब परिवारों को योजनाओं से वंचित करने के बजाय सरकार को उन्हें अधिक से अधिक सहायता प्रदान करनी चाहिए, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि समय रहते इस गंभीर विषय पर सरकार ने ठोस कदम नहीं उठाए, तो इसका सीधा नुकसान गरीबों, मजदूरों, किसानों और कमजोर वर्गों को उठाना पड़ेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
अंत में श्रवण कुमार ने कहा कि सरकार को जनहित को सर्वोपरि रखते हुए निर्णय लेना चाहिए और गरीब व वंचित वर्ग के अधिकारों की रक्षा करनी चाहिए, ताकि सामाजिक न्याय और समावेशी विकास का लक्ष्य साकार हो सके।
